मोहब्बत को सर पर चढ़ाकर मत चलो मेरे यार,
हम भी परिंदों की तरह उसकी एक झलक के भिखारी बन गए,
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
सिर्फ़ इतना दर्द है कि टूटने वाला हम थे और वजह कोई और।”
खुदा ने जीना मुस्कील किया और लोगो ने मरना…!
मोहब्बत में हार कर भी तुझे याद करता हूँ,
टूटा हूँ मैं यूँ कि अब जुड़ना मुश्किल है,
जैसे सपना टूटा हुआ और बिखरा सा लगता है।
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
मुझ को ख़ुशियाँ न सही ग़म की कहानी दे दे,
एक चादर में लिपटे दो बदन.. एक तेरा हो, एक मेरा हो।
कहते है यूं तो ये शख्स, तजुर्बे से आगे निकल जायेगा…!
पर खुशियाँ अब दिल में कहीं नहीं मिलती।
तेरे दिल में तो पहले ही कोई Sad Shayari in Hindi जगह नहीं होगी।